बागपत (महबूब अली)। पोलियो उन्मूलन के लिए बच्चों को पिलाई जाने वाली खुराक का चस्का बागपत के बुजुर्गों को भी लग गया है। पोलियो दिवस पर बुजुर्ग बूथों पर पहुंचकर पोलियो की खुराक जिद करके पीते हैं। बुजुर्गों का कहना है कि इस खुराक से उनकी खांसी ठीक हो जाती है जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी इस बात को नकार रहे हैं।
पल्स-पोलियो अभियान पर करोड़ों रुपये खर्च करने का परिणाम यह रहा है कि भारत से पोलियो को करीब-करीब खत्म किया जा चुका है। पिछले तीन साल से भारत में एक भी पोलियो का केस सामने नहीं आया है। मगर फिर भी पोलियो से कोई पीडि़त न हो पोलियो अभियान के दौरान पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जा रही है। इन दिनों पोलियो दिवस के दौरान बच्चों के साथ-साथ कई बुजुर्ग भी पोलियो की ड्राप पीने के लिए पहुंच जाते हैं। मना करने पर हंगामा करने को उतारु हो जाते हैं। अंत में वहां पर तैनात स्वास्थ्यकर्मी को बुजुर्ग को पोलियो की खुराक पिलाने को मजबूर होना पड़ता है। अब तक बागपत के अलावा, डौला,अग्रवाल मंडी टटीरी, बालैनी, बड़ौत, खेकड़ा में बुजुर्गों द्वारा जिद करने पर पोलियो की खुराक पीने के मामले प्रकाश में आ चुके हैं। बुजुर्गों के पोलियो की खुराक पीने से स्वास्थ्यकर्मी भी उन्हें कागजों में चढ़ाकर सीएमओ को सौंप चुके हैं।
बुजुर्गों का मानना है कि पोलियो ड्राप पीने से उनकी खांसी ठीक हो रही है। सीएमओ डा.जेपी शर्मा का कहते है कि वाकई में इस तरह के मामले प्रकाश में आ रहे हैं। मगर पोलियो की ड्राप से खांसी ठीक होने की सोच पूरी तरह से गलत है। इससे शरीर पर गलत प्रभाव तो नहीं पड़ता है मगर खांसी ठीक भी नहीं होती। यह बच्चों पर ही असर करती है। सीएमओ ने कहा कि यदि किसी भी बूथ पर वृद्ध खुराक पीने को पहुंचता है तो कर्मचारी तुरंत उन्हें सूचित करेंगे। एक टीम को भेजकर वृद्धों को समझाया जायेगा। ताकि वह भविष्य में पोलियो पीने की जिद न करें। डौला सीएचसी प्रभारी डा. यशवीर सिंह का कहना है कि वृद्धों द्वारा पोलियो की ड्राफ पीने का मामला उनके भी सामने आया है। मगर वृद्धों की यह सोच पूरी तरह से गलत है। खांसी ठीक नहीं होती है।
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